UMA PATIL
Romance Others
तुम मुझसे बहुत दूर नहीं हो
तुम इतने पास हो
आसमान में चाँद मुझे तेरी
आँखों से देख रहा है
सूरज आपकी समृद्धि की
तरह चमकता है
तुम हर जगह प्रकृति में हो
मैं अकेली नहीं हूं
मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ
हमेशा
नज़ाकत
प्यार
नववर्ष
याद
नशीली
पहचान
साजन
चाहत
तुम्हारा चेहर...
धड़कन
असंख्य सच्चे सहज भाव मर जाता है प्रेम बेमौत असंख्य सच्चे सहज भाव मर जाता है प्रेम बेमौत
धरती से आसमान तक, ये जहाँ बसा है जितना। धरती से आसमान तक, ये जहाँ बसा है जितना।
मेरी अहमियत को अपनी जिंदगी में बस थोड़ा खास बना देना। मेरी अहमियत को अपनी जिंदगी में बस थोड़ा खास बना देना।
तुम्हारा ना होकर भी सिर्फ तुम्हारा होकर रहना। अच्छा लगता है। तुम्हारा ना होकर भी सिर्फ तुम्हारा होकर रहना। अच्छा लगता है।
उस ख्वाब को हकीकत बनाना ही मोहब्बत का दूसरा नाम है। उस ख्वाब को हकीकत बनाना ही मोहब्बत का दूसरा नाम है।
कहना अब क्या ही तुझे यूं मेरी तरह तू खोया है क्यों? कहना अब क्या ही तुझे यूं मेरी तरह तू खोया है क्यों?
वन उपवन में महकते फूलों पर छाया वो बसंत हो तुम, वन उपवन में महकते फूलों पर छाया वो बसंत हो तुम,
क्या सुनाएं बेशुमार इश्क़ की दास्तान जो सुनकर अनसुनी हो गई वो मोहब्बत तेरी। क्या सुनाएं बेशुमार इश्क़ की दास्तान जो सुनकर अनसुनी हो गई वो मोहब्बत तेरी।
मैं तो तेरी ही ओर मरूं.... तुझको ही याद करूंं...। मैं तो तेरी ही ओर मरूं.... तुझको ही याद करूंं...।
प्रेम प्रतीक के रूप में जग भर नाम कमाये... प्रेम प्रतीक के रूप में जग भर नाम कमाये...
ये हम किस मोड़ पर खड़े हैं एक तुम हो और एक वो हैं....... ये हम किस मोड़ पर खड़े हैं एक तुम हो और एक वो हैं.......
फिर दोनों ने कभी नहीं चला हाथ में हाथ पकड़ मुट्ठी। फिर दोनों ने कभी नहीं चला हाथ में हाथ पकड़ मुट्ठी।
अपने अपने हिस्से का प्यार हम निभाएंगे। अपने अपने हिस्से का प्यार हम निभाएंगे।
जाने ये क्या हश्र करके मेरा अहम बन गए हो तुम। जाने ये क्या हश्र करके मेरा अहम बन गए हो तुम।
इस घर में बस, अब मुझे साथ तेरा चाहिएI इस घर में बस, अब मुझे साथ तेरा चाहिएI
तुझे लिखकर ही जी भरता। हे कविता में कविवर। तुझे लिखकर ही जी भरता। हे कविता में कविवर।
अब आगे ये कहानी जो भी मोड़ ले, अब वो आपसे नाराज नहीं हो पाएगी अब आगे ये कहानी जो भी मोड़ ले, अब वो आपसे नाराज नहीं हो पाएगी
आज मुझे तेरे ख्यालो की, बरसात ने भिगाया है आज मुझे तेरे ख्यालो की, बरसात ने भिगाया है
कहीं नासूर न बन जाये, ज़ख्म ये.... रिस्ते रिस्ते पैहम। कहीं नासूर न बन जाये, ज़ख्म ये.... रिस्ते रिस्ते पैहम।
हर इक आह में तू हर इक साँस में तू तेरा ख़्वाब हम रात भर देखते हैं हर इक आह में तू हर इक साँस में तू तेरा ख़्वाब हम रात भर देखते हैं