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मिली साहा

Abstract

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मिली साहा

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हमारा प्यारा हिंदुस्तान

हमारा प्यारा हिंदुस्तान

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सप्तसिंधु, भारत या इंडिया कहो या कह लो हिंदुस्तान,

सब देशों में देश है सबसे न्यारा, हमारा प्यारा हिंदुस्तान,


एकता और भाईचारे का प्रतीक, तिरंगा पहचान हमारी,

विश्व पटल पे चमक रहा है देश हमारा छू रहा आसमान,


अतिथि सत्कार परंपरा, चली आ रही जो युगो युगो से,

आज भी यहांँ के कण-कण में, खुशबू उसकी विद्दमान,


गौतम गांँधी बुद्ध की भूमि है ये, है देशभक्ति हर दिल में,

अनोखी हैं परंपराएं यहांँ की और संस्कृति सबसे महान,


मंगल पांडे की वीरता भगत सिंह के शौर्य की कहानियांँ,

ज़र्रा-ज़र्रा कहता है यहाँ गर्व से करता वीरों का गुणगान,


राजगुरु, सुखदेव जैसे शूरवीर जन्में हैं यहांँ की मिट्टी में,

तिलक, बोस, चंद्रशेखर का यहाँ, कण कण में बलिदान,


वेद, पुराण, शास्त्र सिखाते हैं आदर्श संस्कारों की भाषा,

रामायण की सीख इसी भूमि पे है पवित्र गीता का ज्ञान,


अनेक जातियांँ, अनेक धर्म,हैं सब एक गुलशन के फूल,

विविधता में एकता का रंग यहांँ रिश्तो का होता सम्मान,


अलग-अलग हैं बोलियांँ, फिर भी जुड़े हुए एक दूजे से,

प्रेम, सदभावना और सदाचार, भारत देश की परिभाषा।


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