STORYMIRROR

Chandni Purohit

Abstract Inspirational

3  

Chandni Purohit

Abstract Inspirational

हम गलत नहीं थे

हम गलत नहीं थे

1 min
235

था वक़्त उस वक़्त विपरीत पूरा थी न जाने क्यूँ मज़बूरी 

मोहब्बत की तुमने अथाह हो न पायी पूरी रह गयी अधूरी 


समय का ऐसा फ़ेर पड़ा एक पल में समस्या हुई थी दोहरी 

क़िस्मत कहूँ उसको या जी हजूरी चल ना पायी कोई धुरी 


गलत न थे हम प्यार था सच्चा माता पिता की न थी मंजूरी 

साथ तेरा संपूर्ण निभाते परिवार भी होता बहुत ही जरूरी 


रिश्ता रूह का मुकम्मल जहाँ हैं मिलन अधूरा बस है थोड़ी दूरी 

राहें प्यार की मंज़िल नहीं होती होता है फर्क़ निभाना तरह पूरी 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract