Poonam Garg
Children
सर्दियों का आया मौसम
चीजें खाने लगे गरम गरम
कपड़े पहनने लगे गरम गरम
गाजर का हलवा खाया गरम गरम
सर्दियों से बच कर रहे हैं सब हम
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
अपने जन्म दिवस को किया बच्चो के नाम, चाचा नेहरू तुम्हे करता हु प्रणाम। अपने जन्म दिवस को किया बच्चो के नाम, चाचा नेहरू तुम्हे करता हु प्रणाम।
यमुना किनारे कन्हैया हो, चरावै गैया यमुना किनारे कन्हैया हो, चरावै गैया
प्रकृति से पाठ सीखेंगे अच्छे बच्चे बन जाएंगे। प्रकृति से पाठ सीखेंगे अच्छे बच्चे बन जाएंगे।
ये है भारत की कथा कहाानी, जो है खूब मस्तानी। ये है भारत की कथा कहाानी, जो है खूब मस्तानी।
पल में रूठना और पल में मान जाना यही तो इस रिश्ते की खास बात है। पल में रूठना और पल में मान जाना यही तो इस रिश्ते की खास बात है।
देकर अपने जीवन का बलिदान, इसलिए ही तो हमारा भारत है सबसे महान। देकर अपने जीवन का बलिदान, इसलिए ही तो हमारा भारत है सबसे महान।
जहां जात-पात का भेदभाव न हो, उस देश को भारत कहते हैं। जहां जात-पात का भेदभाव न हो, उस देश को भारत कहते हैं।
मैं अपनी गुड़िया का गांव चंदा पर बसाऊंगी, मां, मेरे लिए चंदा मामा ले आओ ना। मैं अपनी गुड़िया का गांव चंदा पर बसाऊंगी, मां, मेरे लिए चंदा मामा ले आओ ना।
यह भारत देश हमारा है, और हम इसकी संतान हैं। यह भारत देश हमारा है, और हम इसकी संतान हैं।
खुदा से मेरी एक फरमाइश ताकि पूरी हो जाये उसकी सभी ख्वाहिश। खुदा से मेरी एक फरमाइश ताकि पूरी हो जाये उसकी सभी ख्वाहिश।
सब जीव जंतु से प्रेम करो मगर कभी ना कैद करो। सब जीव जंतु से प्रेम करो मगर कभी ना कैद करो।
ये दरो-दीवार हुए गुमसुम, हमसब हुए मैँ और तुम। वो नीला आसमाँ खो गया, ये दरो-दीवार हुए गुमसुम, हमसब हुए मैँ और तुम। वो नीला आसमाँ खो गया,
जब याद आते हैं वो दिन बो बचपन कितना प्यारा था l जब याद आते हैं वो दिन बो बचपन कितना प्यारा था l
निर्मल नन्ही सी आंखों से मन मोह लिया जी मोह लिया। निर्मल नन्ही सी आंखों से मन मोह लिया जी मोह लिया।
समय की कीमत जिसने की है, बन जाता ध्रुवतारा है। समय की कीमत जिसने की है, बन जाता ध्रुवतारा है।
दुनिया जिस पर गर्व करे-- नयन -सितारा मेरा देश. दुनिया जिस पर गर्व करे-- नयन -सितारा मेरा देश.
कौन जाने पर कहीं ना कहीं, हम मां बाप को ही भूल जाते हैं। कौन जाने पर कहीं ना कहीं, हम मां बाप को ही भूल जाते हैं।
पूरब से लेकर पश्चिम तक, सारा इक है हिंदुस्तान। पूरब से लेकर पश्चिम तक, सारा इक है हिंदुस्तान।
देश की सीमा में डटा सिपाही बनने को मन मचल रहा । देश की सीमा में डटा सिपाही बनने को मन मचल रहा ।
विश्वशांति के दूत थे चाचा नेहरु न्यारे थे। विश्वशांति के दूत थे चाचा नेहरु न्यारे थे।