Poonam Garg
Children
सर्दियों का आया मौसम
चीजें खाने लगे गरम गरम
कपड़े पहनने लगे गरम गरम
गाजर का हलवा खाया गरम गरम
सर्दियों से बच कर रहे हैं सब हम
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
जहां बहती नदियां, गाएं गीत हर कदम पर बिखरा हो, वहां संगीत। जहां बहती नदियां, गाएं गीत हर कदम पर बिखरा हो, वहां संगीत।
सर्दी हो या गर्मी माँ ही मेरी ,मेरे पास थी। सर्दी हो या गर्मी माँ ही मेरी ,मेरे पास थी।
पर भूख और गरीबी ने इनकी राहें बनाई हैं कठिन। पर भूख और गरीबी ने इनकी राहें बनाई हैं कठिन।
तू ही मेरी ताक़त, तू ही मेरी आस, तेरे बिना अधूरा है मेरा विश्वास। तू ही मेरी ताक़त, तू ही मेरी आस, तेरे बिना अधूरा है मेरा विश्वास।
हिम्मत हो तो कुछ भी मुमकिन, दुनिया को दिखलाऊंगा।" हिम्मत हो तो कुछ भी मुमकिन, दुनिया को दिखलाऊंगा।"
दोस्तों संग हंसी की झलक, हर पल देता सुख की छलक दोस्तों संग हंसी की झलक, हर पल देता सुख की छलक
नहीं सम्मान दूसरों के यहां यह बात समझ में आया। नहीं सम्मान दूसरों के यहां यह बात समझ में आया।
क्योंकि पापा उसे डाँट दिया करते थे। क्योंकि पापा उसे डाँट दिया करते थे।
रंगों से करे वो दोस्ती खुशियों संग करें मेल। रंगों से करे वो दोस्ती खुशियों संग करें मेल।
सभी जानवर खुश थे शादी में खूब दबाकर खा रही थी चाची। सभी जानवर खुश थे शादी में खूब दबाकर खा रही थी चाची।
संघर्षों से नहीं घबराते हम सदा ऊँचाइयाँ पाते हैं। संघर्षों से नहीं घबराते हम सदा ऊँचाइयाँ पाते हैं।
आपकी कविताओं में साहस की तपन , आपकी कविताओं में साहस की तपन ,
जैसे वर्षों से तनकर खड़ा हिमालय जैसे वर्षों से तनकर खड़ा हिमालय
ज्ञान की बातें ले लो इससे फिर धर इसको मौन रहो। ज्ञान की बातें ले लो इससे फिर धर इसको मौन रहो।
कूट कूट कर आयरन इसमें खून को खूब बढ़ाता है ।। कूट कूट कर आयरन इसमें खून को खूब बढ़ाता है ।।
नवपल्लव प्रस्फुटित कर पाता है... ! नवपल्लव प्रस्फुटित कर पाता है... !
काम करो और ध्यान धरो सबका तुम सम्मान करो। काम करो और ध्यान धरो सबका तुम सम्मान करो।
कमाल की कलाकृति तराशते वो, है तकनीकी विषयों का उनको ज्ञान कमाल की कलाकृति तराशते वो, है तकनीकी विषयों का उनको ज्ञान
सिंह सी दहाड़, रण में जलती ज्वाला, प्राणों से खेले, न छोड़ा विजय का प्याला। सिंह सी दहाड़, रण में जलती ज्वाला, प्राणों से खेले, न छोड़ा विजय का प्याला।
सूरज को बोले छुपों बादल में सबको चमक से तंग कर जाओ। सूरज को बोले छुपों बादल में सबको चमक से तंग कर जाओ।