Poonam Garg
Children
सर्दियों का आया मौसम
चीजें खाने लगे गरम गरम
कपड़े पहनने लगे गरम गरम
गाजर का हलवा खाया गरम गरम
सर्दियों से बच कर रहे हैं सब हम
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
कितना भी ढूँढती मुझे मैं हाथ कभी न आता कितना भी ढूँढती मुझे मैं हाथ कभी न आता
पलक झपकते चकमा देकर ये पेड़ पर चढ़ जाए पलक झपकते चकमा देकर ये पेड़ पर चढ़ जाए
मौसम रहे परंतु हल्का पीलापन, यह सब चीजें अब ढूंढे मेरा मन। मौसम रहे परंतु हल्का पीलापन, यह सब चीजें अब ढूंढे मेरा मन।
हर संकट से मुक्त हो जाएँगे, पूरा संसार मिलकर खुशियाँ मनाएँगे। हर संकट से मुक्त हो जाएँगे, पूरा संसार मिलकर खुशियाँ मनाएँगे।
और घातक हो जाएगी। इसलिए पेड़ लगाएं और धरती बचाएं। और घातक हो जाएगी। इसलिए पेड़ लगाएं और धरती बचाएं।
सच स्कूल की हर सुबह थी सुहानी बहुत प्यारी .... सच स्कूल की हर सुबह थी सुहानी बहुत प्यारी ....
सुबह शाम खेलना और न कमाना था बचपन भी क्या ज़माना था। सुबह शाम खेलना और न कमाना था बचपन भी क्या ज़माना था।
है शौक मुझे पढ़ने का, बनाती है ये मुझे निडर। है शौक मुझे पढ़ने का, बनाती है ये मुझे निडर।
चिंटू मिंटू रूबी किट्टू खेलेंगे सब मिलकर लट्टू पौधे बहुत लगाएंगे पिकनिक। चिंटू मिंटू रूबी किट्टू खेलेंगे सब मिलकर लट्टू पौधे बहुत लगाएंगे ...
आओ बच्चों तुम्हें सुनाए एक राजा की कहानी हम सुनेंगे कहानी उसी राजा की मुँह जुबानी। आओ बच्चों तुम्हें सुनाए एक राजा की कहानी हम सुनेंगे कहानी उसी राजा की मुँह जु...
इसलिए तो यह कहलाती है बारिश। इसलिए तो यह कहलाती है बारिश।
दुनिया को बचाएंगे, हम वृक्ष लगाएंगेI वृक्षों को लगा कर के, पर्यावरण दिवस मनाएंगेI दुनिया को बचाएंगे, हम वृक्ष लगाएंगेI वृक्षों को लगा कर के, पर्यावरण दिवस मनाए...
मम्मी-पापा आप मेरे हमसफर हो, हर वक्त साथ निभाते मेरा हो। मम्मी-पापा आप मेरे हमसफर हो, हर वक्त साथ निभाते मेरा हो।
जाने क्यों गुम हो गए वह ख़ुशनुमा से पल लौटकर वापस आएंगे कब आएगा वह कल। जाने क्यों गुम हो गए वह ख़ुशनुमा से पल लौटकर वापस आएंगे कब आएगा वह कल।
और हर वो इंसान जो दूसरों की मदद को हाथ बढ़ाएं वो लोग मुझे फरिश्ते ही नजर आते हैं। और हर वो इंसान जो दूसरों की मदद को हाथ बढ़ाएं वो लोग मुझे फरिश्ते ही नजर आते...
इसलिए तो बच्चे सबसे मासूम कहलाते हैं। इसलिए तो बच्चे सबसे मासूम कहलाते हैं।
घूमने का जब भी अवसर मिल पाता खुशियों से जीवन को हर्षा जाता। घूमने का जब भी अवसर मिल पाता खुशियों से जीवन को हर्षा जाता।
इतनी ऊंचाइयां मिले तुम्हें की महफिले सजे हर शाम। इतनी ऊंचाइयां मिले तुम्हें की महफिले सजे हर शाम।
कैसे मेरे सब दुख हर लेती हो कैसे मेरे सब दुख हर लेती हो
पल में ढल ना जाएँ कहीं हम ना बदल जाएँ कहीं हम न बदल जाएँ । पल में ढल ना जाएँ कहीं हम ना बदल जाएँ कहीं हम न बदल जाएँ ।