Poonam Garg
Children
सर्दियों का आया मौसम
चीजें खाने लगे गरम गरम
कपड़े पहनने लगे गरम गरम
गाजर का हलवा खाया गरम गरम
सर्दियों से बच कर रहे हैं सब हम
जन्मदिन
बच्चे
आजादी
अंतरिक्ष
प्रेम
भाई की महिमा
होली
पालतू बिल्ली
हॉस्टल के दिन
परिवार
सोचूँ कभी चिड़िया बन जाऊँ, नीले गगन में उडूँ लहराऊँ। सोचूँ कभी चिड़िया बन जाऊँ, नीले गगन में उडूँ लहराऊँ।
पापा से मिलने का तरीका यादें ..! मां की गोद का एहसास यादें . पापा से मिलने का तरीका यादें ..! मां की गोद का एहसास यादें .
पगला मन अब भी कहता है, दोस्त ने नहीं पढ़ी वो कहानी थी। पगला मन अब भी कहता है, दोस्त ने नहीं पढ़ी वो कहानी थी।
परिवार संग खुशी से रहना चाहता हूं। परिवार संग खुशी से रहना चाहता हूं।
जीवन का आधार हैं, बिना उनके सब सूना, जीवन का आधार हैं, बिना उनके सब सूना,
आजादी के इस पर्व को आओ मिलकर मनाते हैं । सभी शहीदो को याद कर उनको नमन करते हैं। आजादी के इस पर्व को आओ मिलकर मनाते हैं । सभी शहीदो को याद कर उनको नमन करते है...
इसके औषधि गुणों को जान लो बच्चों, इस जीवन में हर मौसम रहेगा सुहाना। इसके औषधि गुणों को जान लो बच्चों, इस जीवन में हर मौसम रहेगा सुहाना।
बारिश की बूंदें गिरती, लेकिन ये बूंदें थीं निराली। बारिश की बूंदें गिरती, लेकिन ये बूंदें थीं निराली।
मिटा दे मिलकर इस तिलिस्म को आओ इक प्रेम का दीया जलाएं । मिटा दे मिलकर इस तिलिस्म को आओ इक प्रेम का दीया जलाएं ।
गांठी दाम जभी हो सेवा , दुनिया सारी बने दीवानी सच्ची l गांठी दाम जभी हो सेवा , दुनिया सारी बने दीवानी सच्ची l
पलक झपकते बड़े हो जाते बच्चे हमको कितना सिखाते। पलक झपकते बड़े हो जाते बच्चे हमको कितना सिखाते।
संघर्ष को चुनने का, और लांछनों से डरने का । संघर्ष को चुनने का, और लांछनों से डरने का ।
उनकी कला में 'रुचि' उन्हें एक सशक्तिकरण देने का काम करती है! उनकी कला में 'रुचि' उन्हें एक सशक्तिकरण देने का काम करती है!
पावन धरा पर लहराता तिरंगा गाथा सुनाता बलिदानों का पाठ पढ़ाता शांति का। पावन धरा पर लहराता तिरंगा गाथा सुनाता बलिदानों का पाठ पढ़ाता शांति का।
बचपन की यादों में रंगा, वो प्यारा समय, सपनों की दुनिया में, खोया रहता था मन। बचपन की यादों में रंगा, वो प्यारा समय, सपनों की दुनिया में, खोया रहता था मन।
अपने हर सुख दुख में तुझे शामिल की हूँ। अपने हर सुख दुख में तुझे शामिल की हूँ।
चलता रहूँ मैं इस सफर में दिन रात, हिसाब और बेसबर चलता रहूँ मैं इस सफर में दिन रात, हिसाब और बेसबर
शस्त्र, शास्त्र की दीक्षा दे। सिंहों सम शावक पाले हैं। शस्त्र, शास्त्र की दीक्षा दे। सिंहों सम शावक पाले हैं।
देखो देखो हुआ सवेरा छंट गया है अब घना अंधेरा। देखो देखो हुआ सवेरा छंट गया है अब घना अंधेरा।
होना चाहिए बैग में, रौचक सा सामान। खेल खेल में सीख ले, बालक सारा ज्ञान।। होना चाहिए बैग में, रौचक सा सामान। खेल खेल में सीख ले, बालक सारा ज्ञान।।