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Abhinab Das

Inspirational Children

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Abhinab Das

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मेरी एक बहना है (रक्षा बन्धन)

मेरी एक बहना है (रक्षा बन्धन)

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 मेरी एक बहना है

मेरा आदत है उसे 

थोड़ा सताना है

वह क्या कम है


जिसका काम मेरा

रोजाना टांग खींचना है

प्यारा सा चेहरा

मुुँह पे रूठी हुई दिल का

क्योंकि सोचती है वह

एक जो भाई है मेरी


जो भी मांगो 

उसे दिलाने में करता है देरी

करती है मस्ती

थोड़ी सी शरारती


मेरी हर गलती को

रोज मां बाबा के पास बताती

उसकी हर गलती पर्

मेरा डाांटना

मेरा गुस्सा को देख कर

उसका रोना धोना


ओर उसके बाद मेंं ये लादूँं व लांदूँ

 कहकर मेेेरा बहाना

फिर उस के बाद 

 अपने आप समझ जाना

अपनी आंसू पोछने

फिर उसकी हंसना खिलना

तो मेरा सिर्फ बोलना


फूलों का तारों का 

सबका कहना है

एक हजारों मेें मेरी बहना है 

आज राखी के दिन

 मेरे हाथ में उसकी राक्षी बन्धाना है

मेेरे माथे पे उसकी तिलक


मुझको उसके लिए रक्षक बनना है

कोई बी मुसीबत हो 

हर मुश्किल से उसे बचाना है

रब से र्सिफ एक सिफारिश

की वह कर दे मेरी बहन पे 

खुशियों की बारिश


आज राखी बाजार में सौदा है

 ऑर मुझे उससे वादा है

की हम भाई बहन का रिश्ता

सबसे आगे और सबसे ज्यादा है

खुदा से मेरी एक फरमाइश

ताकि पूरी हो जाये उसकी

सभी ख्वाहिश।


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