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Shailaja Bhattad

Abstract

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Shailaja Bhattad

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हकीकत

हकीकत

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चीज कहकर तस्वीर लेने से,

बिखरी जिंदगी संवरती नहीं।

क्षण भर को बत्तीसी दिख तो जाती है। 

लेकिन हकीकत कभी बदलती नहीं। 


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