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Sarvesh Saxena

Abstract Inspirational Others

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Sarvesh Saxena

Abstract Inspirational Others

हे मानव...

हे मानव...

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देश पे संकट आन पड़ा है, 

कुछ तो इसका ध्यान करो, 

मान लो जो है कहा जा रहा, 

बस इतना बलिदान करो, 


रहो सुरक्षित अपने घर में, 

पुलिस कहे बस यही करो, 

पत्थर ना बरसाओ हम पर, 

बस इतना एहसान करो, 


ईश्वर रूपी लगे चिकित्सक, 

उनका कुछ तो मान करो, 

थूक रहे उन पर भी तुम, 

हे मानव कुछ शर्म करो, 


विनती करता हूं मैं तुमसे, 

इतना सा सहयोग करो, 

जीते हम सब जंग ये भारी, 

ईश्वर से तुम दुआ करो, 


जो तुम अब भी ना समझे तो, 

फिर खुद को तैयार करो, 

मंडरा रही है मौत सभी पर, 

बच जाओ या स्वयं मरो।


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