STORYMIRROR

Nilima Paliwal

Inspirational

4  

Nilima Paliwal

Inspirational

हौसला

हौसला

1 min
262

 पतंग सिखाती है ऊपर उठते जाना है

अपने हौसले को फिर आजमाना है।


उस नीले आसमान को छू कर

अपना निशान छोड़ आना है।


 देखें जब जमीं से कोई मेरा नाम

 तो आसमां भी गाये मेरा गान।


 हौसला है जरूरी

 यही सिखाती है कागज की पतंग।


 ऊपर उठकर भी धरा पर ही हे

आना पर कुछ करकेे ही जाना। 


अपने हौसले को फिर आजमाना

अपने हौसले को फिर आजमाना।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational