STORYMIRROR

Nilima Paliwal

Abstract

3  

Nilima Paliwal

Abstract

इत्र

इत्र

1 min
196

इत्र की तरह महकती हैं यादें बचपन की,

वो अपनी नोक-झोंक रूठना मनाना। 

पर #मेरे जन्मदिन पर #अपने पैसे बचा कर 

सबसे अच्छी चीज सिर्फ मेरे लिए ही ढूंढ कर लाना।

दुआ है इस बहन की सूरज की तरह रोशनी तुम्हारी चमकती रहे ,

हमारा रिश्ता भी इत्र की तरह महकता  रहे।

भाई बहन का रिश्ता होता हेे अटूट,

इसलिए वह कहलाता हे सबसे क्यूूट।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract