महक
महक
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जिंदगी की महक आती है तब,
छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करते हैं, हम जब।
बचपन की वह नोक झोंक वह रूठना मनाना
आज भी याद आता है मुझे वह गुजरा जमाना
सबसे शरारती थे तुम, मेरे खातिर डांट भी खाते थे,
पर हमेशा मेरी पसंद की चीजें, तुम ही लाते थे।
थे तो तुम मुझसे छोटे, पर काम करते हमेशा मोटे मोटे।
हमारे जिंदगी की यह महक हमेशा बनी रहे,
भाई बहन का यह रिश्ता सुनहरा रहे,
दुआ यह बहन हमेशा करती हैं,
तुम्हारा नाम सूरज की तरह हमेशा चमकता रहे।
