STORYMIRROR

DR.SANTOSH KAMBLE { SK.JI }

Abstract

4  

DR.SANTOSH KAMBLE { SK.JI }

Abstract

हैपी होली

हैपी होली

1 min
423

होली के रंग 

आपनो का संग

तन में तरंग

मन में उमंग

भीगी है धरती,


आज भीगा गगन

लब पर रखो हंसी,

ना भीगे नयन

जल जाये सारे गम

होली के ज्वाला में

नजर आ रहे है राधा कृष्ण,


हर गोपी हर बाला में

रंग से रंगीन करो,

सब अपने जीवन को

मीठे मिष्टान्न खावो,

मीलो खुशी से सब जन को


मिले सब को धैर्य, संपत्ति 

आरोग्य, ऐश्वर्या सब को

होली मुबारक हो 

दिल से आप सब को।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract