STORYMIRROR

Kuhu jyoti Jain

Abstract Inspirational Others

3  

Kuhu jyoti Jain

Abstract Inspirational Others

हार नही सकती

हार नही सकती

1 min
269


निराशा से, तकलीफों से, दुःख से, असंतोष से,

अपनी कुंठाओं से मानवता हार नहीं सकती

प्रेम, स्नेह, आशा , सामर्थ्य, विश्वास, प्रयास

छोटे दुःख के बादल से चंचलता हार नहीं सकती

भागीरथ की संतान है हम गंगा को धरती पर ला दे

इस जहरीली हवा में भी प्राण वायु हार नहीं सकती

अभी होगा पसोपेश में कि क्या होगा जीवन कल

पर कल की चिंता से जीवटता हार नहीं सकती

चाहे शामों तक जाते जाते चीखने लगती हैं रातें

सुबह होते ही कूके बिना "कुहू" हार नहीं सकती।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract