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SOURABH SINGH

Romance

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SOURABH SINGH

Romance

हां तुम आज भी याद आती हो

हां तुम आज भी याद आती हो

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हां तुम आज भी याद आती हो

भूला तुम्हें? नहीं तुम आज भी सताती हो

सोचा दूर निकल आए हैं अपने अतीत से

तुम तो वर्तमान में भी नज़र आती हो

हां तुम आज भी याद आती हो

सौदा तुमसे किस चीज़ का करू

तुम तो हजारों पर वफ़ा लुटाती हो

लिखता नहीं हुं तुम्हें अपनी कलम से 

फिर भी मशहूर हो जाती हो

हां तुम आज भी याद आती हो


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