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Pranavi Gupta

Abstract

4.9  

Pranavi Gupta

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🇮🇳 हां हम हिन्दुस्तानी हैं ।

🇮🇳 हां हम हिन्दुस्तानी हैं ।

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जिस दिन देश की मर्यादा की रक्षा 

हर हिनदुस्तानी समझ जाएगा 

उस दिन भारतवर्ष और सज जाएगा

यूं तो देश प्रेमियों की कमी नहीं है


कोई सीमा पे खड़ा है

हाथ में हथियार लिए 

रातों की नींद दुश्वार किए

अपनी मात्र भूमि की रक्षा 

के लिए अपने परिवार को दिलासा दिए

 

मैं वापस आऊंगा ना आया तो क्या 

भारत माता की गोद में ही सो जाऊंगा

आज मैं जगा हूं 

मेरा देश चैन की नींद सोएगा


मैं खड़ा हूं, मैं यहां हूं 

ऐ देशवासियों।

फ़िक्र ना कर, डर की तू जिक्र ना कर,

हां तुझे भी प्रेम है भारत माता से,


तो इतना कर की देश के लिए

कभी कुछ ग़लत ना कर

भूल मत तू भारत वासी है

यहां महादेव काशी है


माता की मर्यादा पे आंच ना आने देना,

और करे कोई वार अपने भारत वर्ष पे

तो उसे वापस जीवित मत जाने देना

जिस दिन हम यह समझ जाए कि हर इंसान 


एक ही प्रभु की रचना है 

बस बुरे लोग से देश को बचा कर रखना है

साथ हम लड़ेंगे , साथ हम चलेंगे 

कोई हमसे नहीं टकराएगा


और अगर आ गया रास्ते में तो

डर कर रास्ता मुकर जाएगा

भारतवर्ष फ़िर सज जाएगा।


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