Arun Pradeep
Comedy
जमते रंग
होली का हुड़दंग
बजती चंग
हाइकु
कवि
होली नवगीत
होली विषाद
होली है...
होली की ठिठोल...
अनोखी होली
संक्रांति
सपना
बगल वाली अधेड़ औरत के जरा सा टच होते ही वह खा जाने वाली निगाहों से देखती थी बगल वाली अधेड़ औरत के जरा सा टच होते ही वह खा जाने वाली निगाहों से देखती थी
मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो
सम्राज्ञी बनकर बैठी हमको अपने इशारों पर नचाती, सम्राज्ञी बनकर बैठी हमको अपने इशारों पर नचाती,
अभी अभी स्वर्ग लोक से गांधी जी का फोन आया। अभी अभी स्वर्ग लोक से गांधी जी का फोन आया।
प्रबंध और उसकी इच्छा तो जरूर पूरी करुंगा। प्रबंध और उसकी इच्छा तो जरूर पूरी करुंगा।
बैठे बैठे एक दिन दिमाग में एक बात गूंजी फेसबुक पे लोगों से हंसी दिल्लगी की सूझी। बैठे बैठे एक दिन दिमाग में एक बात गूंजी फेसबुक पे लोगों से हंसी दिल्लगी की ...
जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली
कौन दखल दे, या फिर, सलाह दे, गंजे का वीरप्पन-सा, मूंछ देखा नहीं क्या कौन दखल दे, या फिर, सलाह दे, गंजे का वीरप्पन-सा, मूंछ देखा नहीं क्या
उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्या है? उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्य...
बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ? बिना फोन वाला गांव तो हो सकता है पर बिना फोन के शहर कैसे रह सकता है ?
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में फिर से उन्हें गद्दी पर बैठा दिया उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में फिर से उन्हें गद्दी पर बैठा दिया
पहले तो श्रीमती जी हड़बड़ाई फिर अपने पर उतर आईं। पहले तो श्रीमती जी हड़बड़ाई फिर अपने पर उतर आईं।
जिसे भूल से भी आप याद करना नहीं चाहते वह मेरी याद से कभी दूर नहीं होता है। जिसे भूल से भी आप याद करना नहीं चाहते वह मेरी याद से कभी दूर नहीं होता है।
जाओ कर लो ये शादी, बन जाओ पत्नी के डमरु। शा जाओ कर लो ये शादी, बन जाओ पत्नी के डमरु। शा
अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा अणु परमाणु के विस्फोट से स्वयं मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ा
खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है खुद तो गुमराह है ही जनता को भी गुमराह कर रहा है
बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया। बड़ी चम्मचें छोटे कौर, याद किये और मुस्काया।
एक कुत्ते के काटने से ही मर गई वह मेरे पास आया.. एक कुत्ते के काटने से ही मर गई वह मेरे पास आया..
अभी बिस्तर से उतरकर खड़ा ही हुआ था कि यमराज से मुलाकात हो गई। अभी बिस्तर से उतरकर खड़ा ही हुआ था कि यमराज से मुलाकात हो गई।
मेरी कब्र के पास ही मेरे प्रीतम का कब्र था , वही हम दोनों अंधेरी रातों में मिला करते थ मेरी कब्र के पास ही मेरे प्रीतम का कब्र था , वही हम दोनों अंधेरी रातों में मि...