Arun Pradeep
Comedy
जमते रंग
होली का हुड़दंग
बजती चंग
हाइकु
कवि
होली नवगीत
होली विषाद
होली है...
होली की ठिठोल...
अनोखी होली
संक्रांति
सपना
ज़िंदगी से ट्रोल हो जाये काश, भत्ते डीज़ल, और तनख़्वाह पेट्रॉल हो जाये। ज़िंदगी से ट्रोल हो जाये काश, भत्ते डीज़ल, और तनख़्वाह पेट्रॉल हो जाये।
जिस ईश्वर ने जन्म दिया रोटी वो ही भेजेगा तुम तो बस आराम करो सब कुछ ईश्वर देखेगा। जिस ईश्वर ने जन्म दिया रोटी वो ही भेजेगा तुम तो बस आराम करो सब कुछ ईश्वर देखे...
बातों से ही बात बनेगी.. और बात निकलेगी..तो .. दूर तलक़ जाएगी। बातों से ही बात बनेगी.. और बात निकलेगी..तो .. दूर तलक़ जाएगी।
जल्दी सोने वाला और उठने वाला, पड़ता सभी पर भारी। जल्दी सोना जल्दी उठना………….. जल्दी सोने वाला और उठने वाला, पड़ता सभी पर भारी। जल्दी सोना जल्दी उठना…………..
महामारी कोरोना का मचा देखो आतंक। चुनावी सभा में जाता ना करें हमें ही तंग।। महामारी कोरोना का मचा देखो आतंक। चुनावी सभा में जाता ना करें हमें ही तंग।।
शौक़ तो मेरी माँ का है अभी भी वही बस उनको अब शुगर हो गयी। शौक़ तो मेरी माँ का है अभी भी वही बस उनको अब शुगर हो गयी।
अब जीत नहीं है हम सब से दूर ओ मोदी जी रे ओ मोदी जी रे। अब जीत नहीं है हम सब से दूर ओ मोदी जी रे ओ मोदी जी रे।
आज उनकी झलक दिखने ही वाली थी, की, सारा शहर अंधेरे में करवा दिया आज उनकी झलक दिखने ही वाली थी, की, सारा शहर अंधेरे में करवा दिया
"उल्लास" बतावे था, मैंने तले पड के अपना ही माथा फोड़ा माणस खाणी ने हाय मेरा दिल तोडा। "उल्लास" बतावे था, मैंने तले पड के अपना ही माथा फोड़ा माणस खाणी ने हाय मेरा द...
किस तरह होली मनाएंँ यह समझ आता नहीं, क्या कहें होली पड़ी है आज यूँ अपने गले। किस तरह होली मनाएंँ यह समझ आता नहीं, क्या कहें होली पड़ी है आज यूँ अपने गले।
अरमानों का नीला एम्बर अरमानों की नीलामी जलती होली किस रंग खेलूं होली।। अरमानों का नीला एम्बर अरमानों की नीलामी जलती होली किस रंग खेलूं होली।।
अब वो वक़्त दूर नहीं जब बच्चे भी पैदा होंगे ऑनलाइन। अब वो वक़्त दूर नहीं जब बच्चे भी पैदा होंगे ऑनलाइन।
बहुत याद करते हैं उन दिनों को हम जब बाहर निकल सकते थे बेफिक्र हम बहुत याद करते हैं उन दिनों को हम जब बाहर निकल सकते थे बेफिक्र हम
अमरनाथ के दुर्लभ दर्शन आंखों को स्वीकार हो जाते हैं। अमरनाथ के दुर्लभ दर्शन आंखों को स्वीकार हो जाते हैं।
हो रहा आज मुुुझसे ये कैसा जुर्म होने को आई है अब साठ की उम्र! हो रहा आज मुुुझसे ये कैसा जुर्म होने को आई है अब साठ की उम्र!
गलती इनकी नहीं ये इमोशनल अत्याचार का ज़माना है प्यार तो बस एक टाईमपास का बहाना है गलती इनकी नहीं ये इमोशनल अत्याचार का ज़माना है प्यार तो बस एक टाईमपास का बह...
मेरे यार ने पी ली भंग उसकी रंगत बदल गई। मै तो देख के रह गया दंग संगत बदल गई। मेरे यार ने पी ली भंग उसकी रंगत बदल गई। मै तो देख के रह गया दंग संगत बदल गई।
निस्वार्थ पंचायत सेवा करें, वैसा ही बनाना प्रधान जी। निस्वार्थ पंचायत सेवा करें, वैसा ही बनाना प्रधान जी।
जोगीरा से मौसम भी हो जाता हैं गुलजार, होली पर। जोगीरा से मौसम भी हो जाता हैं गुलजार, होली पर।
हाथी दादा थे थोड़े रुठे रह गए थे वो आज भूखे। हाथी दादा थे थोड़े रुठे रह गए थे वो आज भूखे।