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Gopal Agrawal

Abstract

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Gopal Agrawal

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हाई क्लास स्टेटस

हाई क्लास स्टेटस

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सिगरेट धुनक कर,

धुएं के छल्ले बनाते बनाते,

कुछ लोग खुद को,

उंचे किस्म के इंसान,

समझने लगे हैं,


ऐसे लोग यह सोचते है कि,

हम स्मोकिंग करते है इसलिए,

हमारा स्टेटस हाई क्लास है,

पर ये भूल जाते है कि,

वो जो धुआं उड़ाते है,

उसके साथ एक,

विषैली व तीखी गंध भी,

छोड़ जाते हैं,


जो अपनो को ही शिकार बनाती है,

इस विषैली हवा में उनके करीबी भी,

सिगरेट का इनडायरेक्ट सेवन कर जाते हैं,

जिसे ये स्मोकर अमृत समझते हैं,

जब परिवार के सदस्यों के नुथनों में,

जब ये अमृत महकता है तो,

बिलबिलाते हुए कहते हैं,


कब हमें चैन मिलेगा,

लेकिन,

उनका चैन स्मोकिंग तो,

उस समय बैचेन होता है,

जब उनके सामने ही,

वो बेटा जिस पर नाज था,


स्टेटस देखते देखते खुद,

हाई क्लास स्टेटस की,

राह पर चलने लगता है।


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