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Gaurav Kumar

Abstract Horror Romance

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Gaurav Kumar

Abstract Horror Romance

हादसा

हादसा

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ट्रैन का पटरी से उतर जाने की खबर 

आज ही सुना है मैंने 

उसके देहावसान की खबर 

हृदय की कम्पन को तेज कर 

रही है..

आँखों में आँसू लिए

 सरपट ट्रैन के पीछे पीछे दौर रहा हूँ..


लतपथ खून में सनी वो 

उसके जिस्म से बहता रक्त का समंदर 

मेरी उँगलियों को स्पर्श कर रही है 

प्रेमिका को हाथों में लिए 

आंसू बहा रहा हूँ ...


ज़िंदगी को कसमें वादे रास नहीं आती 

क्यों दिल टूटने की आवाज नहीं आती 

चेहरे को फेर रहा हूँ मैं..इन्ही हाथों से 

जैसे की वो लौट आये..

मुखाग्नि में जिस्म जलाये जा रहा हूँ..


याद रहेगा वो खुनी स्पर्श 

तुमको यादों से जाने ना दूंगा 

आज के बाद किसी को 

बिछड़ जाने की सिला ना दूंगा 

खुनी हाथ से प्यार लिखे जा रहा हूँ ..


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