STORYMIRROR

Gaurav Kumar

Abstract Horror Romance

4  

Gaurav Kumar

Abstract Horror Romance

हादसा

हादसा

1 min
335

ट्रैन का पटरी से उतर जाने की खबर 

आज ही सुना है मैंने 

उसके देहावसान की खबर 

हृदय की कम्पन को तेज कर 

रही है..

आँखों में आँसू लिए

 सरपट ट्रैन के पीछे पीछे दौर रहा हूँ..


लतपथ खून में सनी वो 

उसके जिस्म से बहता रक्त का समंदर 

मेरी उँगलियों को स्पर्श कर रही है 

प्रेमिका को हाथों में लिए 

आंसू बहा रहा हूँ ...


ज़िंदगी को कसमें वादे रास नहीं आती 

क्यों दिल टूटने की आवाज नहीं आती 

चेहरे को फेर रहा हूँ मैं..इन्ही हाथों से 

जैसे की वो लौट आये..

मुखाग्नि में जिस्म जलाये जा रहा हूँ..


याद रहेगा वो खुनी स्पर्श 

तुमको यादों से जाने ना दूंगा 

आज के बाद किसी को 

बिछड़ जाने की सिला ना दूंगा 

खुनी हाथ से प्यार लिखे जा रहा हूँ ..


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract