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siddhi mistry

Romance

4  

siddhi mistry

Romance

हा वो तुम हो

हा वो तुम हो

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हांँ वो तुम हो

जिसका मेसेज मैं सुबह

सबसे पहले चेक करती हूं

कि तुम्हांरा मेसेज आया कि नहीं।

हां वो तुम हो

जिसको देख कर

मेरे चेहरे पे

बिना कोई वजह मुस्कुराहट आ जाती है ।

हां वो तुम हो

जो दूर हो कर भी

बोहोत पास लगते हो।

हां वो तुम हो

जिसका मेरे पास होना नहीं

साथ होना जरूरी है ।

हां वो तुम हो

जो मेरी बिना किसी काम की

बकवास सुन कर

खुश होते हो।

हां वो तुम हो

जिसके बारे मे मेरे दोस्तों से

बातें किया करती हूं।

हां वो तुम हो

जो बिना किसी वजह से

मुझे गिफ्ट देते हो।

हां वो तुम हो

जिसका ख्याल मुझे देर रात तक

सोने नहीं देते ।

हां वो तुम हो

जिसको बिना देखे

मै इतना सारा लिखती हूं।

हां वो तुम हो

जिसकी फिक्र मुझे

खुद से भी ज्यादा है।

हां वो तुम हो

जो बिन बोले

मेरी बातों को समाज जाते हो।

हां वो तुम हो

जो मुजसे सबसे

अच्छी वाली दोस्त मानते हो।

हां वो तुम हो

जो रूठ खुद जाते हो

और मनाने मुझे आते हो।

हां वो तुम हो

जो बिना देखे

इतनी तारीफ कर लेते हो।

हां वो तुम हो

जिसका इंतजार मे

आज तक करती हूं।



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