siddhi mistry
Abstract Romance Tragedy
तुम थे,
मैं थी,
वक़्त नहीं था।
वक़्त था,
तुम नहीं थे।
मैं नहीं थी।
मैं हूं,
तुम हो,
वक़्त नहीं है।
वक़्त है,
मैं नहीं होंगी,
तुम भी नई होंगे।
यार हम क्या ह...
शायद आज किसी ...
मैं, तुम और व...
हां,ज़िद है
हा वो तुम हो
सच्चा दोस्त
हर दिल में गर्व सम्मान का चमत्कार है हमारी लक्ष्मी का बेटा जिले सुबेदार है हर दिल में गर्व सम्मान का चमत्कार है हमारी लक्ष्मी का बेटा जिले सुबेदार है
अपने से दूर रखने का इंतजाम करते जा रहे हैं। अपने से दूर रखने का इंतजाम करते जा रहे हैं।
अयोध्या लोटे सीता और दोनो भाई, ऐसा आनंद था छाया, मंगल गीत और ढोल नगाड़े , उत्सव था जैस अयोध्या लोटे सीता और दोनो भाई, ऐसा आनंद था छाया, मंगल गीत और ढोल नगाड़े , उत्...
बाईस नवंबर दो हजार चौबीस का दिन और आसीन हो जायेंगे अयोध्या के राजा राम। बाईस नवंबर दो हजार चौबीस का दिन और आसीन हो जायेंगे अयोध्या के राजा राम।
अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्रियां ? अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्र...
अगली पीढ़ी के लिए मौत का उपहार अपने ही हाथों से तैयार कर रहे हैं। अगली पीढ़ी के लिए मौत का उपहार अपने ही हाथों से तैयार कर रहे हैं।
जीवन के बाद शायद परीक्षाओं का अंत हो, हर मौसम लगे जैसे बसंत हो। जीवन के बाद शायद परीक्षाओं का अंत हो, हर मौसम लगे जैसे बसंत हो।
लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते। लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कु...
रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी पीठ थपथपाया रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी ...
इस भौतिक संसार में, धन का बहुत महत्व। इस भौतिक संसार में, धन का बहुत महत्व।
गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक महसूस किय गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक ...
सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं
हल्दीघाटी पावन धाम पे हर कोई शीश नवाता है हल्दीघाटी पावन धाम पे हर कोई शीश नवाता है
अब तक अपने मन के भाव तुमने व्यक्त किए, अब मेरे भावों को समझना तुम अब तक अपने मन के भाव तुमने व्यक्त किए, अब मेरे भावों को समझना तुम
ममता कातर गाय दिखा गयी एक राह रथ के आगे खड़ी हो बता गयी थी चाह ममता कातर गाय दिखा गयी एक राह रथ के आगे खड़ी हो बता गयी थी चाह
अप्राकृतिक खाद्य पदार्थों का लुप्त होते जाना स्वास्थ्य पर बीमारियों का पहरा अप्राकृतिक खाद्य पदार्थों का लुप्त होते जाना स्वास्थ्य पर बीमारियों का पहरा
मन की सारी बात बताना ए दोस्त तू कल फिर आना. मन की सारी बात बताना ए दोस्त तू कल फिर आना.
शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बेटियाँ। शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बे...
जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया । जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया ।
ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती पे माँ कहलाती है। ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती पे माँ कहलाती है।