STORYMIRROR

Sarita Saini

Romance

4  

Sarita Saini

Romance

गुरूर तुम्हारे साथ का

गुरूर तुम्हारे साथ का

1 min
362

गुऱूर हो गया है मुझे तुम्हारे साथ का ,

बस तुम ये गुरूर मेरा ताउम्र बनाये रखना।

मेरे बिना तुम भी कुछ अधूरे से हो

ये एहसास दिल को हर पल दिलाये रहना।


थोड़ी मासूम सी हैं चाहतें मेरी

जिनमें तुम भी शामिल हो

मेरी हर चाहतों पर तुम

हक़ अपना जताये रखना

तनहॉ सा है ये दिल तुम बिन

तुम इस दिल का साथ हर

पल बनाये रखना।


कुछ नहीं हो तुम मेरे

फिर भी बहुत कुछ बन गये हो।

इन होठों की मुस्कुराहट

और ज़ख्मों की दवा बन गये हो।

बस इसी तरह मेरे दिल में

जगह अपनी बनाये रखना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance