STORYMIRROR

Simmi Bubna

Inspirational

2  

Simmi Bubna

Inspirational

गुरु

गुरु

1 min
362

गुरु एक नहीं दो नहीं

नहीं है बीसों गुरु अनेक हैं

हो सकती है राह अलग

पर सपने सबके एक हैं


गुरु एक चिंगारी है

उत्सुकता की प्यास बढ़ा देंगे

और पढ़ूँ मैं और गुनूँ मैं

ऐसी ही आग लगा देंगे


गुरु शिष्या के रिश्तों का

श्रेष्ठों में भी मान है

गुरु वही न्यारा मानुष

जिसने दिया तनिक भी ज्ञान है


गुरु एक नहीं दो नहीं

नहीं हैं बीसों गुरु अनेक हैं

पनघट तक की डगर अलग

पर जल भरने में सब एक हैं


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational