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सौरभ मिश्रा

Abstract Romance Fantasy

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सौरभ मिश्रा

Abstract Romance Fantasy

गुलाब

गुलाब

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मैं

यह

गुलाब

उसे देने

लाया हूं आज

जिसे भेजा गया

था मेरी जिंदगी में

हर शाम को भोर

करने के लिए

अब बताओ

तुम जरा

रहता

कहां

वो


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