सौरभ मिश्रा
Abstract Romance Fantasy
मैं
यह
गुलाब
उसे देने
लाया हूं आज
जिसे भेजा गया
था मेरी जिंदगी में
हर शाम को भोर
करने के लिए
अब बताओ
तुम जरा
रहता
कहां
वो
माँ मैं नहीं ...
यादों की लाइब...
चांद बन बैठा ...
जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूरा करते दे जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूर...
नहीं जज साहब नहीं ये गुनाह मैंने मैंने गलती से किया मुझे। नहीं जज साहब नहीं ये गुनाह मैंने मैंने गलती से किया मुझे।
हर तरफ़ फिर सबका साथ और सबका विकास का शोर होने लगता है.... हर तरफ़ फिर सबका साथ और सबका विकास का शोर होने लगता है....
मैं ना होता तो तुम्हारा क्या होता इन तानों से दूर रह सको इसलिए अपना अस्तित्व में बनाती मैं ना होता तो तुम्हारा क्या होता इन तानों से दूर रह सको इसलिए अपना अस्तित्व में...
अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्रियां ? अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्र...
सफर अपना ज़िन्दगी का तन्हा ही रहा हमने साथ ज़माने के भी चल के देख लिया सफर अपना ज़िन्दगी का तन्हा ही रहा हमने साथ ज़माने के भी चल के देख लिया
रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी पीठ थपथपाया रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी ...
आँसू न आने दे उनकी आँखों में, ख़ुशियों का संसार दे। आँसू न आने दे उनकी आँखों में, ख़ुशियों का संसार दे।
मंजिल पाने की दम रखती ज्ञान विवेक से मंजिल पाने की दम रखती ज्ञान विवेक से
हैं हम चाहते आप् को ये हम जाने और आप भी। हैं हम चाहते आप् को ये हम जाने और आप भी।
सीप से निकाल लाऊँ, मोती, रुख मोड़कर, इन लहरों का तू साहिल हो मेरा तो, खोकर वजूद भी, सीप से निकाल लाऊँ, मोती, रुख मोड़कर, इन लहरों का तू साहिल हो मेरा तो, खोकर व...
बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है? बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है?
पन से भीड़ और भीड़ से अकेलेपन तक का सफर। कैसे तय हुआ, हैरान हूं मैं। पन से भीड़ और भीड़ से अकेलेपन तक का सफर। कैसे तय हुआ, हैरान हूं मैं।
ज़िन्दगी में कभी किसी को मीज़ान नहीं मिला। ज़िन्दगी में कभी किसी को मीज़ान नहीं मिला।
मिरी मौत के साथ कुछ राज दफन हो जायेंगे। मिरी मौत के साथ कुछ राज दफन हो जायेंगे।
तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में, तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में,
मुझे दूर खड़े देख वह बोले क्या तुमको ज्योतिष पर विश्वास नहीं मैं तुमको भी बतलाऊंगा, मुझे दूर खड़े देख वह बोले क्या तुमको ज्योतिष पर विश्वास नहीं मैं तुमको भी ...
प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार। प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार।
जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया । जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया ।
तेरे आंचल में रातें गुजारी थी माॅं, ऐसा आराम अब तो न मिलता है माॅं, तेरे आंचल में रातें गुजारी थी माॅं, ऐसा आराम अब तो न मिलता है माॅं,