गर्दिशों के मुसाफ़िर
गर्दिशों के मुसाफ़िर
गर्दिशों के मुसाफिर हैं हम, है तूफानों से हमारा याराना,
सामने हों कैसी भी मुश्किलें,हमने सीखा नहीं है घबराना,
हम हौसला दिल में लेकर चलते हैं,खुद पर है विश्वास हमें,
मखमली राह की चाहत नहीं हमें,कांटों पे आता है चलना,
आज हार मिली तो क्या हुआ,कल चमकेंगे बनकर सितारे,
अंधेरों से डरते नहीं, जब हिम्मत की रोशनी है साथ हमारे,
साथी तो कई मिलते हैं राहों में पर बनते नहीं वो हमसफर,
हम अपने रास्ते खुद बनाते हैं, चलते नहीं किसी के सहारे,
दिल में जोश-ए-तूफान लेकर चल पड़े हैं मंजिल की ओर,
एक दिन होंगे कामयाब,दिल में है बस कामयाबी का शोर,
गिराने वाले बहुत यहां, पर हमने भी सीखा है कर्म करना,
लड़ेंगे अंतिम सांस तक हम, खुद को ना होने देंगे कमजोर,
खो चुके हैं इतना जीवन में कि अब कुछ होने का डर नहीं,
मुश्किलों में इतना सताया हमें कि डर भी डरा सकता नहीं,
मिटाकर नसीब का लिखा, एक नई तकदीर लिखी है हमने
फौलाद हैं इरादे हमारे, कोई चाह कर भी गिरा सकता नहीं।
