गणतन्त्रदिवस2024
गणतन्त्रदिवस2024
दिवस फिर,अपना कर्त्तव्य दिलाने याद।
अपना देश अपना विधान,हम क्यों करें दूजे से फरियाद।
हम गण हैँ यह तन्त्र हमारा,हम ही इसके रक्षक हैं।
रहें सदा रक्षा में तत्पर उनसे,जो भक्षक और तक्षक हैं।
यह विधान हमारा है हम ही इसके निर्माता हैं।
सोचें जन-जन अपने देश के,हम सब भाग्य-विधाता हैं।
हमने जो विधान रचा उनका मान रखेंगे हम।
नियमों का करके पालन देश का सम्मान रखेंगे हम।
शासन अपना है फिर क्यों हम विध्वंसक काम करें।
छोटे-छोटे स्वार्थ की खातिर हम अपने को बदनाम करें।
हम विधान के प्रहरी बनकर रक्षा करने का प्रण लें।
कोई विध्वंसक काम करे,हम विरोध तत्काल करें।
अपना जीवन देकर जिन्होंने,हमें स्वतन्त्र बनाया है।
उनके बलिदान की रक्षा का,हमपर महती दायित्व आया है।
आओ बन्धु हम आज प्रण लें देश हमारा विधान हमारा।
इसकी रक्षा में हम अपने तन मन जीवन भी लुटाएँगे।
