STORYMIRROR

Yogita Takatrao

Action Tragedy

3  

Yogita Takatrao

Action Tragedy

गंदा षड़यंत्र

गंदा षड़यंत्र

1 min
622


निकले थे वो जवान

अपने घरों से

अपनी छुट्टी होते ही खत्म,

भारत माँ की

करने सेवा।


हमेशा की तरह

बिना डर के एक साथ

थामें एक दूसरे का हाथ

दोपहर के तीन बजे

बस नजदीक ही थे

वह अपने मंजिल के।


खौफ दिया खंजर डरपोकों ने

पीठ में इस कदर

वो रास्ता भी चीख उठा

सुन वो दर्दनाक हादसा।


उस आवाज़ से पूरा

श्रीनगर भी काँप उठा

क्या हुआ पता चलने से पहले

जवानों का रक्त माँस बिखरा

भारत माँ की जमीन पर।


सी आर पी एफ के चालीस जवान

हो गये इस गंदे

षड़यंत्र का शिकार

इतनी जीवित हानि

करने के बाद भी

ना आये वो बाज।


और फिर वे

गंदे आतंकवादी

छिपकर कर रहे हैं

पीठ पीछे फिर से वार।


पर हमारी सेना

देगी उन्हें करारा जवाब

डाल कमीनों की

आँखों में आँखें।


चीर देंगे उनका

घटिया इरादा

पर क्या कोई

ऐसा है

भारत माँ का लाल,


लगाके अपने

सीने पे वही

सब सामान

तहस नहस कर

बंजर कर दे,


हमेशा के लिए

आतंकवादीयों के साथ

उनके गंदे कारनामों की

नापाक दास्ताँ ?


साहित्याला गुण द्या
लॉग इन

Similar hindi poem from Action