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Antariksha Saha

Tragedy

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Antariksha Saha

Tragedy

गम है तोह

गम है तोह

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गम है तो ज़िन्दा हैं हम

उम्मीदें कम हैं तो किसी तरह खुश हैं हम,

कोई बड़ी खुशी नहीं चाहिए भगवान

अब तो इस की आदत सी हो गई

लोग कहते है कि वक़्त बदलता है

अपना तो कब से एक सा ही चल रहा है।


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