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Sana Parveen

Romance

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Sana Parveen

Romance

ग़ज़ल

ग़ज़ल

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हुस्न को इश्क़ जवानी को कंवल कहते हैं

संगमरमर के तराशे को ताज महल कहते है

फूंकते रहते हैं हम हालात के शोले बरसों

तब कहीं एक दिले सोज़ ग़ज़ल कहते है



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