STORYMIRROR

Sana Parveen

Romance

2  

Sana Parveen

Romance

ग़ज़ल

ग़ज़ल

1 min
98

हुस्न को इश्क़ जवानी को कंवल कहते हैं

संगमरमर के तराशे को ताज महल कहते है

फूंकते रहते हैं हम हालात के शोले बरसों

तब कहीं एक दिले सोज़ ग़ज़ल कहते है



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Sana Parveen

पहरे

पहरे

1 min पढ़ें

हसद

हसद

1 min पढ़ें

लम्स

लम्स

1 min पढ़ें

ग़ज़ल

ग़ज़ल

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Romance