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Sana Parveen

Tragedy Action

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Sana Parveen

Tragedy Action

हसद

हसद

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हसद की आग में खूँ दुश्मनों का जलता रहा,

मैं वो चराग हूँ जो आँधियों को खलती रही

कोई तो मेरी खुशी देख कर बहुत खुश था,

किसी के ज़हन में तेज़ाब सी उबलती रही!


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