घर की स्त्रियों को तैयार करो
घर की स्त्रियों को तैयार करो
नारी की अस्मिता से ना अब खिलवाड़ करो,
उनमें निहित प्राणी के साथ ना अत्याचार करो !
उन्हें आदर मान दो और सम्मानित स्थान दो ,
बराबर का अधिकार दो ना कोई भेदभाव करो !
स्त्रियों को मत समझा करो अब कमज़ोर अबला,
साथ दो उनका औ उन्हें सबला बनाकर तैयार करो !
बाह्य जगत में सफल महिला को देते जैसे आदर ,
वैसे ही अब अपने घर की स्त्रियों को भी तैयार करो !
हर स्त्री में है प्रतिभा और वो हैं देवी का स्वरूप ,
उनकी शक्ति पहचान लो और उनका सत्कार करो !
