STORYMIRROR

Sunil Gupta teacher

Tragedy

4  

Sunil Gupta teacher

Tragedy

गांवों का बदलाव

गांवों का बदलाव

1 min
382

 धमाचौकड़ी होल कबड्डी,

 बालक नहीं दिखाई।

 पनिहारिन से पनघट सूना,

 चौपालन ना भाई।।


 ब्रह्म मुहूर्त गौ धूली,

 ना जाने कोई भाई।

राम-राम जन करना भूले,

 करते टाटा बाई।।


 भारत के परिधान विसरदय,

 रहे विदेश अपनाई।

 धर्म-कर्म मर्यादा भूले,

जीते ऐसे भाई।।


 आठ बजे लों सोके उठ रय,

सोंये वारह पे भाई।

 मठा दूध खावे ना मिल रय, 

घी की छोड़ो भाई।।


 उठापटक और दंड लगाना,

 सारे जन बिसराई‌

 हा-हा करते क्लब खोलकर,

 गांव बदल गए भाई।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy