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Rashmi Singhal

Inspirational

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Rashmi Singhal

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एकता की धारा

एकता की धारा

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रख डाली है लाज देश की

आज एक, पगड़ी वाले ने

बचा लिया है ताज देश का

आज एक, हिम्मत वाले ने,


एकता की धारा बहा दी

हटा कर 370-की धारा

कर दिया है साबित ये

के चप्पा-चप्पा है हमारा,


हिम्मत है तो दिखा लेकर

एक भी किरण उजाले से

छिन कर तो जरा दिखा दे

काह्वा तू एक चाय वाले से,


भारत-माँ के लाल है हम

नहीं, देश भक्ति में कच्चे हैं

मंत्री है शेर जैसा हमारा

और, हम शेरनी के बच्चे हैं,


बार-बार तूने हम पर है

खंजर से प्रहार किया, पर

हमने भी, बक्श कर तुझे

बार-बार उपकार किया,


आखिर अब तो अंत हुआ

बँटवारे की कुप्रथा का

केसर की घाटी से अब

मिट गया किस्सा व्यथा का,


जब-जब किसी गैर देश ने

बुरी नजर है हम पर डाली

तब-तब उसको दे कर मात

उसकी निगाहें हैं नोच डाली,


खाते हैं जो नमक देश का

जो, गद्दारी देश से करते हैं

एक समय आने पर लोग

उस पर थू-थू करते हैं,


ढेरों बधाई देशवासियों को

मोदी-शाह जी को है बधाई

सत्तर साल परीक्षा सबकी

आखिरकार सफलता लाई,


आज़ादी के इस मास पर

फिर गुलशन आबाद हुआ

कश्मीर का पँछी मानो

पिंजरे से आज़ाद हुआ।



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