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Dr J P Baghel

Abstract

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Dr J P Baghel

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एक तरफ

एक तरफ

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कुछ रेखा के एक तरफ है, कुछ रेखा के एक तरफ 

एक इलाका एक तरफ है, शेष इलाके एक तरफ।१


तर्क-हीनता एक तरफ है, वैज्ञानिकता एक तरफ 

एक तरफ है शोर धर्म का, बहकी जनता एक तरफ।२


एक तरफ है जगमग दुनिया, अंधियारे हैं एक तरफ 

झूठे नारे एक तरफ हैं, जयकारे हैं एक तरफ। ३


एक तरफ चौड़े सीने हैं, झुकी रीढ़ हैं एक तरफ 

जुमलों वाले एक तरफ है, रुकी भीड़ हैं एक तरफ।४


एक तरफ सब धनकुबेर हैं, निर्धन जन हैं एक तरफ 

तुंदियल सारे एक तरफ हैं, जर्जर तन हैं एक तरफ।५


एक तरफ हैं कुटिल मंत्रणा, भोलेपन हैं‌ एक तरफ 

मन की बातें एक तरफ हैं, मुरझे मन हैं एक तरफ।६


एक तरफ है नेता नगरी, जनता सारी एक तरफ 

मिलीभगत सब एक तरफ है, मारामारी एक तरफ।७


एक तरफ है चाटुकारिता, भलमनसाहत एक तरफ

सत्ता का मद एक तरफ है, वंचित भारत एक तरफ।८


एक तरफ दंडाधिराज हैं, डर के मारे एक तरफ 

जीते जीते एक तरफ हैं, हारे हारे एक तरफ।९


एक तरफ है पाबंदी, पर, मैं कह लूंगा एक तरफ 

उनको रहना एक तरफ है, मैं रह लूंगा एक तरफ।१०


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