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nirmala tyagi

Inspirational

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nirmala tyagi

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एक शहीद की माँ

एक शहीद की माँ

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 वन्दन है शत-शत बार ओ माँ ! तू एक शहीद की माता है !

कांधे पर अर्थी धर सुत की,तूने मातृत्व को साधा है !


ये वो जननी जो साँसें भी,बेटे की खातिर लेती है ।

शोणित की अंतिम बूँदों तक अपने बेटे को सेती है।

कितनी आशा तृष्णा से,था तेरा अंतर झलक रहा।

चाँदी सी दुल्हन का सपना,बेटे की खातिर दमक रहा।


पर हाय ! कलुषित श्वान ने,तेरे सपनों को चूर्ण किया !

सुत तेरा आज हिमालय सा ,तेरी गोदी में मौन किया !

तू पलटी घायल बाघिन सी, आँखें तेरी अंगार बनी !

अश्रु और ममता मौन हुए,तू खुद नंगी तलवार बनी !


बूढे कांटों पर बेटा था,पर तूने सीना तान लिया ..

शत्रु की नब्ज तोड़ने का,व्रत जैसे तूने ठान लिया ।

इतना धीरज ,इतना सम्बल ,माँ ! बोल कहाँ से लेती है?

हाँ ठहर मुझे मालूम हुआ ,तू भारत माँ की बेटी है !

तू भारत माँ की बेटी है ! तू भारत माँ की बेटी है!


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