STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

4  

सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

एक सहारा छूट गया

एक सहारा छूट गया

1 min
597

एक छोटी सी बच्ची की कहानी, 

जो हंसती थी खेलती थी मुस्कुराती थी, 


कभी बात करो उससे तो मुस्कुरा कर जवाब देती थी, 

दो हाथ उसके जो हमेशा साथ रहते थे ,


अचानक क्या हुआ ऐसे लगा एक हाथ है ही नहीं, 

माता-पिता में से एक का सहारा छूट गया, 

छोटी सी बच्ची से क्यों ईश्वर तू रूठ गया, 

माँ ने पीड़ा में दम तोड़ दिया, 


छोटी सी बच्ची को यहाँ अकेला छोड़ दिया, 

उदासियों और गम ने घेरा माँ के जाने के बाद, 


माँ को उसकी ईश्वर जाने तूने क्यों बुला लिया, 

फूलों के गुलशन को कांटों से क्यों उलझा दिया, 


आंखों में भरे उसके अश्रु मुझे भी रुलाते हैं, 

छोटी सी बच्ची से क्यों ईश्वर तू रूठ गया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract