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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

एक नई शुरुआत..!

एक नई शुरुआत..!

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चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं 

जो पा न सके अबतक उस मंजिल की 

फिर तलाश करते हैं, 

चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं।

जो भूल हुई हमसे 

जो दर्द दिया हमने 

उन अपनो संग बैठकर

फिर एक नई बात करते हैं,

चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं ।

कुछ आंखो में ठहर सपने

कुछ रूठे हैं जो अपने 

फिर जतन से उनको 

मनाने का प्रयास करते हैं,

चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं।

कुछ अपने जो चले गए

बीच राह में छोड़ गए 

हृदय से नमन कर हम उनको

फिर याद करते हैं,

चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं।

क्या खोया क्या पाया 

उदासियों से घिरा है साया 

डूबते मन को फिर से 

जिलाने का कार्य करते हैं,

चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं।

जो जिंदगी में मची दौड़ है 

ठहराव न कहीं, बस हर ओर मोड़ है 

उस जिंदगी की रफ्तार को 

रफ्ता रफ्ता धीमा करते हैं,

चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं।

चेहरे का जो नूर उड़ गया 

मुस्कराने की आदत थी, अब भूल गया 

फिर से नई आदतों में 

मुस्कराहट को, हम शुमार करते हैं,

चलो एक नए साल में 

नई सुबह की शुरुआत करते हैं।

ठोकरें खाई बहुत जीवन में

गिरता पड़ता रहा सदा मैं

इस पतझड़ में चलो फिर

एक नए बसंत की बात करते हैं,

चलो एक नए साल में

नई सुबह की शुरुआत करते हैं।


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