"एक कप चाय"
"एक कप चाय"
उठकर सुबह सवेरे
अलसाई सी आंखों को
अगर मिल जाए एक कप चाय
मन उल्लास से भर जाता है
दिन ताजगी से भर जाता है
चाय की चुस्कीयों के साथ
दिन सुहाना लगता है
अगर ना मिले चाय
तों दिन बेगाना लगता है
चाय के साथ होती है
कुछ शिकवा कुछ शिकायतें
कुछ बातें कुछ हसरतें
शरीक हो इस अंजुमन में
यूं ही चलतें रहेगें सिलसिले
एक कप चाय
शाम खुशनुमा कर देती है
एहसासों को जगाती सहलाती
दिल को गुदगुदा देती है
मन को महका देती है
जिंदगी भले हो जाए कड़वी
मगर एक कप कड़क चाय
दिन मीठा बनाती है
मन खुशनुमा कर जाती है
एक प्याली चाय के साथ
गर साथ मिल जाए दोस्तों का
महक उठती है दोस्तीं
गप्पें रंगीन हो जाती हैं
परिवार के साथ जो पीनें बैठे
कड़क मसालेदार चाय
सारे मसलें हल हो जाते
सबकें मन झूम जाए
ऑफिस में हो झिक-झिक बॉस की
और फैला रहे फाइलों का अंबार
एक कप चाय मिल जायें अगर
माहौल बन जाता खुशबूदार
एक कप चाय
हर थकान दूर कर देती है
सारी चिंता पीड़ा को
शायद वह हर लेती है
बारिश के इन दिनों में
कभी बिजली चमकती है
और कभी गिरता है पाला
मन आनंदित हो उठता है
जब मिल जाए चाय का प्याला
आओं फुर्सत में बैठकर
पुरानी बातें दोहराए
बालकनी में सुकून से बैठकर
आओ पीये
एक कप चाय।
