एक गलती...
एक गलती...
एक गलती काफी होती है
जीवन को बर्बाद करने के लिए
अपनों से दूर जाने के लिए और
दूसरों का दिल दुखाने के लिए....
एक गलती काफी होती है
जीवन को संवारने के लिए
नया कदम बढ़ाने के लिए
उन्नति की ओर जाने के लिए
एक गलती काफी होती है
अपनी बात कहने के लिए
अपनी नज़रों में गिरने के लिए
अपनी छवि बिगाड़ने के लिए
एक गलती काफी होती है
खुद को सुधारने के लिए
नई सोच बनाने के लिए
हीनता को दूर करने के लिए
एक गलती काफी होती है
अपराधी बनने के लिए
अत्याचार सहने के लिए
बाधित होने के लिए.....
एक गलती काफी होती है
समाज में क्रांति लाने के लिए
उदासीनता को खत्म करने के लिए
अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए
जीवन में की गई गलतियां हमारे लिए
कभी सबक बन जाती हैं
तो कभी सबब बन जाती हैं
कभी हंसाती हमें खूब और कभी रुला जाती हैं
गलती करना गलत नहीं
गलती को ढकना गलत है
गलती से सीखना गलत नहीं
गलती को दोहराना गलत है
सुधार या परिवर्तन भी गलती मात्र हो सकता है
यदि आपको उसकी जाग्रति की अनुभूति ना हो
उस परिवर्तन का परिणाम कदाचित स्वार्थ है
जिसका वास्तविक परिचय मानव कल्याण न हो
मानव जीवन की डोर गलतियों में उलझी होती है
वह इंसान मिले कहां जिसकी डोर सुलझी होती है
गलतियां करना गलतियों से सीखना ऐसे जीवन बनता है
कई बार सुधरना, कई बार बिगड़ना ऐसे ये चक्र चलता है।
