एक बहाना
एक बहाना
एक बहाना तुझसे मिलने का,
मिल जाये अगर तो अच्छा हो,
दिल चोरी - चोरी चुपके से,
धड़क जाये अगर तो अच्छा हो।
रातों को तेरी तपिश बेचैन करती जाये,
ख्वाबों में भी तेरी ललक पलकों से ना जा पाये,
एक बहाना तुझ संग लिपटने का,
मिल जाये अगर तो अच्छा हो।
लाख संभाला दिल को ये कह,
जाने वाले को जाने दे .....
फिर भी ज़िद्दी दिल ना माने,
कहता बस ख्यालों को आने दे।
एक बहाना तुझसे मिलने का,
मिल जाये अगर तो अच्छा हो,
तू हौले - हौले से मेरे अधरों पर,
अपना नाम लिखे तो अच्छा हो।
हर कोशिश नाकाम हुई अब,
एक कोशिश की आस है बाकी,
तू आकर सबसे गर कह दे,
मुझसे बड़ी ना कोई भी साकी।
एक बहाना तुझपे मरने का,
मिल जाये अगर तो अच्छा हो,
मेरे बदन का तेरे बदन से,
संगम हो जाये तो अच्छा हो।
कितने बहाने सोच लिए देख,
अब आगे ना कुछ सोच है साथी,
एक बहाना तुझमे मिलने का,
मिल जाये अगर तो अच्छा हो।।

