STORYMIRROR

Sakshi Jain

Inspirational

3  

Sakshi Jain

Inspirational

एक बेटी कि नन्ही ख्वाहिश

एक बेटी कि नन्ही ख्वाहिश

1 min
399

उस उड़ान को छू लूँ जिसमें सिर्फ खुशियाँ हो 

उस आसमान में समा जाऊँ जिसमें सिर्फ आजादी हो 

उस पतंग को पकड़ लूँ जिसमें उड़ने की चाहत हो 

उस नदी में तैर सकूँ जिसमें लहरों की बौछार हो 


उस परिंदे को उड़ा सकूँ जिसमें उड़ सकने की ताकत न हो 

उस लिबास में लिपट जाऊँ जिसमें सिर्फ हसीन अंदाज़ हो 

उस कविता को पढ़ सकूँ जिसमें सुरीले अहसास हो 

और उस इश्क़ को अपना सकूँ

जिसमें मोहब्बत करने का जिक्र ना हो

मोहब्बत करने की कोई फिक्र ना हो 


       


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational