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Sakshi Jain

Romance

3  

Sakshi Jain

Romance

दिल के मेरे पास सा कोई

दिल के मेरे पास सा कोई

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संमदर के आसमाँ सा कोई

उसके किनारे परिंदे सा कोई

बैठा हुआ बेचारा सा कोई

बोले मीठे लब्ज़ सा कोई


भीगी सी बारिश सा कोई

तराशे अपने आँखों मे कोई

किसी के इंतेजार में कोई

मुलाकातो से बेबस सा कोई


मंज़िल की राह में कोई

कड़ी धूप में नादान सा कोई

हाँ मेरे मन के भीतर सा कोई

हाँ मेरे मन के भीतर सा कोई।


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