STORYMIRROR

Kamlesh Ahuja

Inspirational

4  

Kamlesh Ahuja

Inspirational

एहसास

एहसास

1 min
49

कितना खूबसूरत है न,

एक स्त्री के लिए माँ बनने का एहसास।

अपने ही शरीर का एक अंश,

जब गोद में उसकी आता है।

एक ही पल में दामन उसका,

मानों खुशियों से भर जाता है।


नन्हें नन्हें कोमल हाथों से,

कोई जब उसको छूता है,

बेजान से तन में उसके,जैसे

नवजीवन का संचार होता है।


देख शिशु की किलकारी और हँसी,

प्रसव पीड़ा अपनी वो भूल जाती है।

सीने से लगाकर नन्हीं सी जान को,

पालन पोषण में उसके जुट जाती है।


दूध पिलाकर अपने स्तनों से,

दुधमुहे की क्षुधा जब वो मिटाती है

धन्य हो जाता है जीवन उसका,

सम्पूर्ण अपने को वो पाती है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational