STORYMIRROR

Sarita Saini

Tragedy Others

4  

Sarita Saini

Tragedy Others

एहसास दिल के

एहसास दिल के

1 min
697

वो एहसास कुछ खास थे..

जो उन्हें देखकर मुझे हुआ था।

उनकी हर कुछ हरकतों ने..

मेरे इस दिल को छुआ था।।


हाल-ए-दिल किसीसे कह पाना मुमकिन नहीं था,

यूँ घुट के जीने को राजी ये दिल भी नहीं था।

क्योंकि शायद लग चुकी थी मुझे इश्क़ की बिमारी,

फिर तभी से कोरे कागज पर मैंने अपनी दास्तां उतारी।।


धीरे-धीरे समय गुजरता रहा..

पर लिखने की चाहत कम न हुई,

इस तरह लिख डाली मैंने और भी कविताएँ कई।

बस ऐसे ही कुछ लिखने की मेरी शुरूआत हुई,

कोरे कागज से ही मेरे दिल की हर बात हुई।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy