STORYMIRROR

Samiksha Jamkhedkar

Inspirational Others

4  

Samiksha Jamkhedkar

Inspirational Others

ए वतन

ए वतन

1 min
11


मिट्टी की धूल प्यारी

मैंने माथे पर लगायी 

वतन के लिये लड़ना

यह कसम मैंने खाई 


माँ की गोद में थे तब 

देश के लिए थे सपने

वतन की रक्षा करे जो 

हो कोई अपने अपने 


जान भी कुर्बान मेरी

 तू ही दिल की धड़कन 

मैं मर जाऊँ तेरे लिये

 ये मेरा होगा बड़प्पन 


ए वतन तू मेरा हमेशा 

 मेरे लिए है अभिमान

तेरे लिये हम अपनी 

जान देंगे होंगे कुर्बान



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational