STORYMIRROR

Samiksha Jamkhedkar

Others

3  

Samiksha Jamkhedkar

Others

दोस्त

दोस्त

1 min
141

दोस्त ऐसा होता है


कभी हसाता 

कभी रुलाता ।

कभी सताता

कभी मनाता ।


दोस्त ऐसा होता है


कभी गुमसुम

कभी नाराज।

कभी खुश

कभी शब्दों की बरसात


खुश हमें रखता

खुशहाली हमारी चाहता

रुठा कभी दोस्त

तो उनको मनाता।

दोस्त ऐसा होता है।



Rate this content
Log in