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Samiksha Jamkhedkar

Abstract

4  

Samiksha Jamkhedkar

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दोस्त🙏🌹🙏

दोस्त🙏🌹🙏

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दोस्त ऐसा होता है


कभी हँसाता 

कभी रुलाता।

कभी सताता

कभी मनाता।


दोस्त ऐसा होता है

कभी गुमसुम

कभी नाराज।

कभी खुश

कभी शब्दों की बरसात


खुश हमें रखता

खुशहाली हमारी चाहता

रुठा कभी दोस्त

तो उनको मनाता।

दोस्त ऐसा होता है।


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