STORYMIRROR

Ramesh Mendiratta

Inspirational

3  

Ramesh Mendiratta

Inspirational

दूर तक कोई नहीं

दूर तक कोई नहीं

1 min
63


दूर दिख रहे मुझे अपने कमरे से

कई अमानवी दैत्याकार हाई वोल्टेज खम्भे

और पास में है किसी मोबाइल कम्पनी का

रेडिएशन टावर

शायद लाखों लोगों को बातचीत करवाता हुआ

और अनजान दिलों को

आभासी दुनिया में धकेलता

आस पास के पेड़ पौधे

उस की भयानक किरणों की चढ़ गए भेंट

हाई वोल्टेज हमारी रगों में फैला रही एक नशा

क्योंकि

पास आना तोड़ देता है तिलिस्म आभासी दुनिया का

और हमें धरातल पर ला पटक देता है

फिर भी नशा बनाये रखते हैं हम सब

है न विडंबना

यही नशा शायद ज़रूरी भी है

हमें याद दिलाने को बार बार

की हमारे पास कोई नहीं दूर दूर तक

कोई नहीं ,कोई नहीं.



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational