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SANDIP SINGH

Inspirational

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SANDIP SINGH

Inspirational

दुख का साथी कौन है

दुख का साथी कौन है

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दुख का साथी कौन है, सुख में तो सब साथ।

रहते हरदम हैं मजे, रहे कांत में माथ।।


दुख का साथी कौन है, पल पल लब पर राम।

सुख में साथी हैं सभी, दुख में हैं भगवान।।


सुख दुख दोनों ही मिले, दुख का साथी कौन।

दोस्तों में ही मैं रहा, भक्ति भाव में मौन।।


आज खुशी में हैं सभी, दुख का साथी कौन।

रहते प्रभु से आस तब, जो हैं सबसे रौन।।


डूबा हूं मैं सोच में, दुख का साथी कौन।

भजन करूं प्रभु का सदा, आएं मेरे भौन।।



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