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Garima Kanskar

Abstract

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Garima Kanskar

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दर्द

दर्द

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दर्द मेरा

नजरिया मेरा

कोई इसे नहीं

समझ पायेगा


क्यों किसी 

से कुछ कहूं


और किसी

की कुछ सुनूँ

अब और नहीं।


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