Garima Kanskar
Abstract
दर्द मेरा
नजरिया मेरा
कोई इसे नहीं
समझ पायेगा
क्यों किसी
से कुछ कहूं
और किसी
की कुछ सुनूँ
अब और नहीं।
मेरी पहचान
बुढ़ापे का सहा...
प्यार
मेरे भोले बाब...
मेरा हिंदुस्त...
बसंत
मतलब
देश प्रेम
परिवार
दोस्त
इस श्रावण की राखी कुछ नया रंग लाई है बहन की तरस रही निगाहें भाई की यादों में वह छाई! इस श्रावण की राखी कुछ नया रंग लाई है बहन की तरस रही निगाहें भाई की यादो...
एक बार फिर मेरे पंख उगने लगे हैं वे पंख जो औरों ने कतर डाले कई बार ! एक बार फिर मेरे पंख उगने लगे हैं वे पंख जो औरों ने कतर डाले कई बार !
तुम जल्दी फिसलते हों दिल में कितना दर्द रखते हो। तुम जल्दी फिसलते हों दिल में कितना दर्द रखते हो।
ये दुनिया एक भूल भुलैया सी है। ये दुनिया एक भूल भुलैया सी है।
खुद ही दफनाती मैं अपने सत्य को खुद ही नकारती मैं। खुद ही दफनाती मैं अपने सत्य को खुद ही नकारती मैं।
किसने सोचा था कि एक दिन ऐसा भी आयेगा, किसने सोचा था कि एक दिन ऐसा भी आयेगा,
यही रास्ता ताउम्र मंजिल बन जाता है। अब ये डर मुझसे डर जाता है। यही रास्ता ताउम्र मंजिल बन जाता है। अब ये डर मुझसे डर जाता है।
हमें स्वतंत्रता मिले हो गये 73बर्ष, क्या सच में हम हुए हैं स्वतंत्र! हमें स्वतंत्रता मिले हो गये 73बर्ष, क्या सच में हम हुए हैं स्वतंत्र!
अनोखा सा होता है वो रिश्ता जहाँ बहन की आँखों में आँसू देख दिल भाई का है रोता है! अनोखा सा होता है वो रिश्ता जहाँ बहन की आँखों में आँसू देख दिल भाई का है ...
पर तू चाहे रोकना तो मैं भला कैसे रुकूंगी ?” पर तू चाहे रोकना तो मैं भला कैसे रुकूंगी ?”
मुझसे रूठने की थी ऐसी कोनसी वजह एक उनके आगे बढने की बडी तलब में। मुझसे रूठने की थी ऐसी कोनसी वजह एक उनके आगे बढने की बडी तलब में।
भाई न छोड़े बहन का साथ, बन्धन हो मजबूत भाई का हो हाथ। भाई न छोड़े बहन का साथ, बन्धन हो मजबूत भाई का हो हाथ।
दुआएं ही है रेशम की डोर सुन 'भाई', 'पूनम' दिल बात है तुम सबको सुनाई। दुआएं ही है रेशम की डोर सुन 'भाई', 'पूनम' दिल बात है तुम सबको सुनाई।
इसीलिए तो कहती हूँ ना , कुछ तो छूट दी होगी मैंने ! इसीलिए तो कहती हूँ ना , कुछ तो छूट दी होगी मैंने !
पता है मुझे खुश रहना और वहां भी खुशियाँ बाँँटते रहना। पता है मुझे खुश रहना और वहां भी खुशियाँ बाँँटते रहना।
जब एक भी आदमी नहीं मरेगा संवेदनहीनता से। जब एक भी आदमी नहीं मरेगा संवेदनहीनता से।
ठोकर खा कर गिरती हूँ जब लम्हों का कोई कोने पाँव में चुभ जाता है ठोकर खा कर गिरती हूँ जब लम्हों का कोई कोने पाँव में चुभ जाता है
इसीलिए काम करो, कुछ काम करो जग में रहकर कुछ नाम करो। इसीलिए काम करो, कुछ काम करो जग में रहकर कुछ नाम करो।
आज की कीमत समझों तुम वरना आस ही आस रह जायेगी। आज की कीमत समझों तुम वरना आस ही आस रह जायेगी।
सावन आया है, आयी है बरसात नाचों गाओ, ये है सावन की रात। सावन आया है, आयी है बरसात नाचों गाओ, ये है सावन की रात।