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Jeevan singh Parihar

Inspirational

5.0  

Jeevan singh Parihar

Inspirational

दोस्ती

दोस्ती

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यह ढाई अक्षर का नाम नही,

यह तो अनुपम उपहार है।

यह सुख-दुःख की साथी है,

यह विस्तृत और विशाल है।


जिसका कोई मोल नही,

यह वह अनमोल धरोहर है।

यह दिल से दिल का नाता है,

कोई बच्चों का खेल नहीं।


मिल सके सरलता से कोई ,

यह ऐसा सामान नही।

यह एक दूसरे का संगम है,

यह अपनेपन का मरहम है।


कर सके बयाँ यूँ चन्द शब्दों में,

यह ऐसा कोई लेख नहीं।

इसका कोई अन्त नहीं है,

यह अनन्त गहराई है।


यह जिससे भी हो जाती है,

उसकी उम्र नही देखी जाती।

बिना उम्र के भी यह जीवन मे,

अज़र अमर हो जाती है।


यह ढाई अक्षर का नाम नहीं,

यह तो अनुपम उपहार है।

यह सुख-दुःख की साथी है,

यह विस्तृत और विशाल है।


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