दोस्ती नियामत है
दोस्ती नियामत है
जब भी लोग जिक्र दोस्ती का करते हैं,
तो सबसे पहले अहंकार को तज़ते हैं!
सच्ची दोस्ती में त्याग सर्वोपरि होता है
तभी दोस्त एक दुज़े का हाथ पकड़ते हैं!
जो विनम्रता को अपना स्वभाव बनाते हैं,
वो हमारे दिल के बेहद करीब आ जाते हैं!
अपनों के लिए मन में एहसास खास होते हैं
तभी तो उनसे दूर होकर बेहद उदास होते हैं!
